कला एवं शिल्प
मिथिला की कला
मिथिला के कारीगरों के हाथों से जीवित परंपराएँ।




मधुबनी चित्रकला
भरनी, कचनी, तांत्रिक, गोदना और कोहबर शैलियाँ — मछली, कमल और मोर के प्रतीक। GI टैग प्राप्त।
सिक्की कला
सुनहरी घास से बनी डलिया, खिलौने और मूर्तियाँ — GI टैग प्राप्त।
सुजनी कढ़ाई
पुराने कपड़ों पर गाँव के जीवन की कहानियाँ सिलती रज़ाइयाँ।
टेराकोटा एवं मिट्टी कला
सामा-चकेवा की मूर्तियाँ, दीये और हाथी-घोड़े।
अरिपन
चावल के घोल से आँगन और पूजा स्थल पर बनाई जाने वाली पवित्र भूमि-चित्रकला।
प्रसिद्ध कलाकार
सीता देवी, गंगा देवी, जगदंबा देवी, महासुंदरी देवी और दुलारी देवी — पद्म पुरस्कार से सम्मानित।