Mithila BhumiMithila Bhumiमिथिला भूमि

तीर्थ

मंदिर एवं पवित्र धाम

कोसी और मिथिला के प्रमुख धाम — देवता, पर्व और पहुँचने का मार्ग।

Baba Kapileshwar Mahadev Mandir
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भगवान शिव (बाबा कपिलेश्वर)

बाबा कपिलेश्वर महादेव मंदिर

गढ़ बरुआरी, सुपौल

हरिद्रा नदी के तट पर, जगतपुर और गढ़ बरुआरी के बीच स्थित प्राचीन शिवधाम — कपिल मुनि की तपोस्थली मानी जाती है। गाँव के विद्वान पं. कृष्णदेव झा ने इसकी स्थापना 1024 ई.पू. मानी है।

प्रमुख पर्व:
श्रावण कांवर यात्रा, महाशिवरात्रि
कैसे पहुँचें:
सुपौल ज़िला मुख्यालय से लगभग 10 किमी दक्षिण

यात्रियों की राय

    Das Mahavidya Mandir
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    माँ दुर्गा एवं दस महाविद्याएँ

    दस महाविद्या मंदिर

    बरुआरी, बिहार 852110

    बरुआरी का शक्ति मंदिर जहाँ माँ दुर्गा के साथ काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला — दसों महाविद्याओं की पूजा होती है।

    प्रमुख पर्व:
    शारदीय एवं चैत्र नवरात्रि
    कैसे पहुँचें:
    बरुआरी गाँव में, कपिलेश्वर स्थान के निकट

    यात्रियों की राय

      Ugratara Sthan
      © Varunesh Chandra · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons

      माँ उग्रतारा

      उग्रतारा स्थान

      महिषी, सहरसा

      कोसी क्षेत्र का प्रमुख शक्तिपीठ, जहाँ माता सती का नेत्र गिरा माना जाता है। तांत्रिक साधना का प्राचीन केंद्र।

      प्रमुख पर्व:
      नवरात्रि, विशेषकर अष्टमी
      कैसे पहुँचें:
      सहरसा जंक्शन से लगभग 17 किमी

      यात्रियों की राय

        Mandan Bharati Sthan
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        मंडन मिश्र व विदुषी भारती

        मंडन भारती स्थान

        महिषी, सहरसा

        वह ऐतिहासिक स्थल जहाँ आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच प्रसिद्ध शास्त्रार्थ हुआ, जिसकी निर्णायक विदुषी भारती थीं।

        प्रमुख पर्व:
        शास्त्रार्थ स्मृति आयोजन
        कैसे पहुँचें:
        उग्रतारा स्थान के समीप

        यात्रियों की राय

          Maa Dakini Mandir
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          माँ छिन्नमस्तिका (डाकिनी)

          माँ डाकिनी मंदिर

          खुरहान, आलमनगर, मधेपुरा

          दस महाविद्याओं में से एक माँ छिन्नमस्तिका को समर्पित प्राचीन मंदिर, खुरहान की दक्षिण काली मंदिर से लगभग 200 गज उत्तर। मान्यता है कि शाम 6 बजे के बाद माँ भ्रमण करती हैं, इसलिए उसके बाद मंदिर में प्रवेश नहीं होता। प्रांगण के कुएँ का जल निसंतान महिलाएँ प्रसाद रूप में ग्रहण करती हैं; मनोकामना पूरी होने पर यहीं मुंडन होता है।

          प्रमुख पर्व:
          नवरात्रि, काली पूजा मेला
          कैसे पहुँचें:
          आलमनगर–बुधमा रोड, खुरहान; आलमनगर से बस या निजी वाहन (रेल सुविधा नहीं)। दर्शन सुबह 6 से शाम 6 बजे तक।

          यात्रियों की राय

            Karu Khirhar Sthan
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            बाबा कारू खिरहर (लोक देवता)

            कारू खिरहर स्थान

            महपुरा, महिषी, सहरसा

            17वीं सदी के गौ-सेवक संत, पशुपालकों के लोक देवता। गाय-भैंस का पहला दूध यहीं चढ़ता है; दूध की धारा कोसी में मिलती है।

            प्रमुख पर्व:
            शारदीय नवरात्रि की महासप्तमी — दुग्धाभिषेक व खीर महाप्रसाद
            कैसे पहुँचें:
            सहरसा बस स्टैंड से लगभग 20 किमी पश्चिम, महिषी प्रखंड से 2 किमी

            यात्रियों की राय

              Matsyagandha (Rakt Kali) Temple
              © Varunesh Chandra · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons

              माँ रक्त काली व 64 योगिनी

              मत्स्यगंधा (रक्त काली) मंदिर

              सहरसा शहर

              मत्स्यगंधा झील के किनारे स्थित, 64 योगिनियों की प्रतिमाओं के लिए प्रसिद्ध। शाम को नौका विहार भी।

              प्रमुख पर्व:
              दुर्गा पूजा, काली पूजा
              कैसे पहुँचें:
              सहरसा जंक्शन से 2 किमी

              यात्रियों की राय

                Singheshwar Sthan
                © Lakshya Raj raj · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons

                भगवान शिव

                सिंहेश्वर स्थान

                सिंहेश्वर, मधेपुरा

                ऋषि श्रृंगी से जुड़ा प्राचीन शिवधाम, कोसी क्षेत्र का सबसे बड़ा शिव तीर्थ।

                प्रमुख पर्व:
                महाशिवरात्रि मेला, श्रावण
                कैसे पहुँचें:
                मधेपुरा से 8 किमी, सहरसा से लगभग 30 किमी

                यात्रियों की राय

                  Uchchaith Bhagwati
                  © Sntshkumar750 · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons

                  माँ दुर्गा (छिन्नमस्तिका)

                  उच्चैठ भगवती

                  बेनीपट्टी, मधुबनी

                  लोक परंपरा के अनुसार यहीं कालिदास को माँ का आशीर्वाद मिला और वे महाकवि बने।

                  प्रमुख पर्व:
                  नवरात्रि
                  कैसे पहुँचें:
                  मधुबनी से लगभग 30 किमी

                  यात्रियों की राय

                    भगवान शिव

                    कपिलेश्वर स्थान (मधुबनी)

                    मधुबनी

                    कपिल मुनि द्वारा स्थापित माना जाने वाला प्राचीन शिवलिंग।

                    प्रमुख पर्व:
                    श्रावण, महाशिवरात्रि
                    कैसे पहुँचें:
                    मधुबनी शहर से 9 किमी

                    यात्रियों की राय

                      Shyama Mai Temple
                      © Mumbaipsytrance · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons

                      माँ काली

                      श्यामा माई मंदिर

                      दरभंगा

                      महाराजा रामेश्वर सिंह की चिता पर बना अनोखा मंदिर, जहाँ विवाह भी संपन्न होते हैं।

                      प्रमुख पर्व:
                      नवरात्रि, काली पूजा
                      कैसे पहुँचें:
                      दरभंगा जंक्शन से 2 किमी

                      यात्रियों की राय

                        Kusheshwar Sthan
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                        भगवान शिव

                        कुशेश्वर स्थान

                        कुशेश्वर स्थान, दरभंगा

                        मिथिला का 'बाबाधाम' कहा जाने वाला शिव मंदिर; पास में पक्षी अभयारण्य।

                        प्रमुख पर्व:
                        श्रावण, महाशिवरात्रि
                        कैसे पहुँचें:
                        दरभंगा से लगभग 70 किमी

                        यात्रियों की राय

                          Ahilya Sthan
                          © 10july2010 · CC0 · Wikimedia Commons

                          माता अहिल्या व श्रीराम

                          अहिल्या स्थान

                          अहियारी, दरभंगा

                          रामायण के अनुसार श्रीराम ने यहीं अहिल्या का उद्धार किया।

                          प्रमुख पर्व:
                          रामनवमी, विवाह पंचमी
                          कैसे पहुँचें:
                          कमतौल स्टेशन के पास

                          यात्रियों की राय

                            Punaura Dham
                            © Mithila Bhumi community · Shared with permission

                            माता सीता

                            पुनौरा धाम

                            सीतामढ़ी

                            माता सीता की प्राकट्य भूमि मानी जाती है।

                            प्रमुख पर्व:
                            जानकी नवमी
                            कैसे पहुँचें:
                            सीतामढ़ी से 5 किमी

                            यात्रियों की राय

                              Janaki Mandir
                              © Mithila Bhumi community · Shared with permission

                              माता सीता व श्रीराम

                              जानकी मंदिर

                              जनकपुर (नेपाल)

                              राजा जनक की नगरी में भव्य मंदिर, मिथिला की प्राचीन राजधानी।

                              प्रमुख पर्व:
                              विवाह पंचमी
                              कैसे पहुँचें:
                              जयनगर (मधुबनी) से रेल द्वारा

                              यात्रियों की राय