
बरुआरी का शक्ति मंदिर जहाँ माँ दुर्गा के साथ काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला — दसों महाविद्याओं की पूजा होती है।
कैसे पहुँचें
बरुआरी गाँव में, कपिलेश्वर स्थान के निकट
क्या पहनें
शालीन, कंधे ढके कपड़े; गर्भगृह में जूते-चप्पल बाहर उतारें।
क्या खाएँ
मिथिला का माछ-भात, मखाना खीर, दही-चूड़ा, तिलकोर और ठेकुआ चखें।
कहाँ ठहरें
ज़िला मुख्यालय के होटल या गाँव के घर में होमस्टे — हम व्यवस्था करा सकते हैं।
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