
वह ऐतिहासिक स्थल जहाँ आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच प्रसिद्ध शास्त्रार्थ हुआ, जिसकी निर्णायक विदुषी भारती थीं।
कैसे पहुँचें
उग्रतारा स्थान के समीप
क्या पहनें
शालीन, कंधे ढके कपड़े; गर्भगृह में जूते-चप्पल बाहर उतारें।
क्या खाएँ
मिथिला का माछ-भात, मखाना खीर, दही-चूड़ा, तिलकोर और ठेकुआ चखें।
कहाँ ठहरें
ज़िला मुख्यालय के होटल या गाँव के घर में होमस्टे — हम व्यवस्था करा सकते हैं।
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