
मत्स्यगंधा झील के किनारे स्थित, 64 योगिनियों की प्रतिमाओं के लिए प्रसिद्ध। शाम को नौका विहार भी।
कैसे पहुँचें
सहरसा जंक्शन से 2 किमी
क्या पहनें
शालीन, कंधे ढके कपड़े; गर्भगृह में जूते-चप्पल बाहर उतारें।
क्या खाएँ
मिथिला का माछ-भात, मखाना खीर, दही-चूड़ा, तिलकोर और ठेकुआ चखें।
कहाँ ठहरें
ज़िला मुख्यालय के होटल या गाँव के घर में होमस्टे — हम व्यवस्था करा सकते हैं।
यात्रियों की राय